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  1. बहुत ही सुंदर काव्य रचना है सतीश जी ।कवि सतीश जी ने उगते सूर्य की सुंदर आभा का बहुत ही खूबसूरती से चित्रण किया है ।जीवन साथी के पैरों की पायल की गूंज से घर गुंजायमान है और घर के आंगन में रौनक ही रौनक है ।अद्भुत रचना कर गई लेखनी वाह सर अति सुन्दर प्रस्तुति ।

    1. आपकी प्रखर लेखनी से समीक्षा के रूप में इतनी सुंदर टिप्पणी सामने आई है। आपको बहुत बहुत धन्यवाद गीता जी। आपकी लेखनी सदैव ही पथ रोशन करने वाली है। जय हो

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