इरादे नेक रखते हैं
सभी को प्रेम करते हैं
वही दिल को दुःखाते हैं
जो हमारे दिल में रहते हैं
हमारे दिल में रहते हैं
Comments
8 responses to “हमारे दिल में रहते हैं”
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क्या बात है, दिल में भी रहते हैं और दिल भी दुखाते हैं
ये तो नाइंसाफी है भई ।-

हाहाहा..
यही जमाना है
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बहुत सुंदर लाजवाब, कवि प्रज्ञा जी द्वारा प्रेम से जुड़े कोमल यथार्य का अति सुंदर चित्रण
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धन्यवाद आपका
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अति, अतिसुंदर
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धन्यवाद
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✍👌🙂
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धन्यवाद
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