4 Comments

  1. हम दीन-दुखी, निर्बल, असहाय, प्रभु माया के अधीन है ।
    प्रभु तुम दीनदयाल, दीनानाथ, दुखभंजन आदि प्रभु तेरो नाम है ।
    प्लीज कविता के रूप में लिखिए

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