7 Comments

  1. बहुत सुंदर कविता है सतीश जी ,हम तो आधी कविता में ही पहेली बूझ लिए थे ।आपने बिल्कुल सत्य लिखा है , लॉक डाउन केसमय में सावन और फोन ने बहुत अच्छा साथ निभाया है ।सबसे अच्छा दोस्त यही तो है आजकल , स्मार्ट फोन ।बहुत यथार्थ चित्रण और एकदम सही और गजब प्रस्तुति ।

    1. इस अत्यंत बेहतरीन समीक्षा और कविता का सुंदर विश्लेषण करने हेतु आपको बहुत बहुत धन्यवाद गीता जी। कवित्त्व का उत्साहवर्धन करने हेतु अभिवादन करता हूँ।

Leave a Reply