हिंदी के जहाज

यूं ही नहीं चीर रहे हवाओं को जहाज हिंद के
पाक की नापाक आंखों की तकरार जांचने बैठे हैं
हम चीन की छोटी आंखों की गुस्ताखियां देखना चाहते हैं तभी आज घड़ी के कांटे की रफ्तार जांचने बैठे हैं

Comments

14 responses to “हिंदी के जहाज”

  1. Geeta kumari

    Nice

  2. जबरदस्त कविता

  3. जय हिंद जय भारत

  4. क्या बात है, वाह, बेहतरीन

    1. धन्यवाद पंडित जी🙏🙏

  5. सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Priya Choudhary

      Thankyou 🙏🙏

  6. मोहन सिंह मानुष Avatar

    बहुत सुंदर
    जय हिन्द

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