8 Comments

  1. आओ भूलें हिन्दू- मुस्लिम
    एक दूजे को गले लगाएं,
    अपनी एकता से फिर हम
    देश भारत महान बनाएं।।
    बहुत खूब, उम्दा विचारों से परिपूर्ण है कविता। सभी मानव एक समान हैं, धर्म व जातिगत भेद समाज को टुकड़ों में बांट देते हसीन। आपने बहुत अच्छा संदेश दिया है।

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