होली है रंगों का खेल

होली है रंगों का खेल

होली है रंगों का खेल

आवो खेले मिल के खेल

देखो खेल रही है होली

ये आसमा ये धरथी हमारी  

आवो मिल के रंग चुराये

सबको मिल के रंग लगाए

रंग सच्चाई का आसमा से लाए

रंग खुसी का हरयाली से चुराये

रंग चेतना का सूर्य मे पाये

रंग प्यार का फूलों से भर आए

रंग सादगी का चाँद से ले आए

आवो मिल रंग चुयारे

सबको मिल के रंग लगाए

मैं रंग जाऊँ तेरे रंग मैं

तू मेरा रंग हो जाओ

ओड़ तुझे मैं

तन मन मे

रंग दूँ मैं सारा बंधन

 एक रंग हैं सचाई का

एक रंग अच्छाई का 

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                                                                   -Dinesh Kumar-

Comments

3 responses to “होली है रंगों का खेल”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Abhishek kumar

    Wow

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