हम हौसलों के पंख भी लगा लेते
अगर उड़ने की चाह होती……
हौसलों के पंख…
Comments
13 responses to “हौसलों के पंख…”
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आपने सच्चाई कहां
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धन्यवाद जी
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वाह
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धन्यवाद
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धन्यवाद सर
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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धन्यवाद सर
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क्या बात है वाह
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धन्यवाद
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sundar
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बहुत बहुत आभार ,सुमन जी
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ख़्वाब टूटे हैं मगर हौंसले ज़िन्दा हैं
हम वो हैं जहॉ मुश्किलें शर्मिदा हैं…!!-

बहुत सुंदर पंक्तियां
धन्यवाद
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