ज़िद #2Liner-95

ღღ__ये ज़िन्दगी अक्सर, ज़िद से नहीं चलती “साहब”;
.
कुछ धडकनों की खातिर, दिल से समझौता ज़रूरी है!!….‪#‎अक्स

Comments

Leave a Reply

New Report

Close