जिन्हें चाहते थे खुद से भी ज्यादा
न निभा सके वो अपना वादा
तन्हा जब छोड़ दिया जमाने ने हमको
हम खुद के करीब हो गए पहले से ज्यादा
पहले से ज्यादा
Comments
16 responses to “पहले से ज्यादा”
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Khubsurat Alfaaz
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Thanks
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Nice one
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Thanks
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Wah kya khub kaha
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Thanks
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वाह
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Thanks
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वाह जी वाह
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Thanks
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Nice
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Thanks
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जिंदगी में जो खुद के करीब जितना जल्दी आ जाए उतना ही बेहतर है… सुंदर रचना
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Thanks
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A1
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वाह वाह
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