गलियों मे चुनाव प्रचार के ढ़ोल आजकल बजते रहते है
वोट मुझे ही देना भाई, सभी यही कहते है
मीठा बोलने से उनके, भावनाओ मे हम नहीं बहते है
जब दाल ना गले उनकी, हमपर धर्म प्रहार वो करते है.
हिन्दू कहे, मै जीत गया तो मंदिर मै बनवाऊंगा
मुस्लिम कहे, मै जीत गया तो मस्जिद मै बनवाऊंगा
बेवकूफ़ अच्छे से बना सकता हूँ तुमको
जीतने के बाद ठेंगा तुम्हे दिखाऊंगा.
चाहे कोई भी जीते
जनता जरूर फंसती है
कभी बिजली की कटौती
कभी पानी की बूँद को भी तरसती है
धोखे के समंदर मे डबोते वो हमको
क्योंकि गहरे पानी मे जनता की कश्ती है.
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