बरसों बीत गए,
तुमसे बिछड़े हुए,
पता नहीं कहां,
तुम चले गए,
एक आंधी सी आई,
और तुम चले गए,
रह गई बाकी,
बस तेरी यादें,
तेरी बेपरवाह
हंसी के फव्वारे,
तेरी चंचल आंखों
की चितवन,
तेरी बेपनाह मोहब्बत,
महसूस होता है
मेरे दिल को,
तुम मेरे आस-पास हो,
सुनते हो मेरी हर बातें,
तन्हाई में तुम मेरे साथ हो,
इन वादियों में तुम हो,
समंदर की लहरों में तुम हो,
इन फूलों में तुम हो,
इन हरियाली में तुम हो,
हर जगह तुम ही तुम हो |
Teri yaden
Comments
13 responses to “Teri yaden”
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बहुत सुन्दर
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Thanks
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Good
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Good
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Thanks
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वेलकम
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Thanks
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Good
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Thanks
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Nice
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सुन्दर रचना
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Awesome
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Superb
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