तुम बिन मैं एक बूँद हूँ,
तुम मिलो तो सागर बन जाऊँ…
तुम बिन मैं एक धागा हूँ,
तुम मिलो तो चादर बन जाऊँ…
तुम बिन मैं एक कागज हूँ,
तुम मिलो तो किताब बन जाऊँ…
तुम बिन मैं इक चिंगारी हूँ,
तुम मिलो तो ज्योति बन जाऊँ…
तुम बिन मैं एक सुर हूँ,
तुम मिलो तो संगीत बन जाऊँ…
तुम बिन मैं एक मोती हूँ,
तुम मिलो तो माला बन जाऊँ…
तुम बिन मैं एक सांस हूँ,
तुम मिलो तो जीवन बन जाऊँ…
तुम बिन मैं केवल शब्द हूँ,
तुम मिलो तो प्रेमग्रंथ बन जाऊँ…
Tum bin
Comments
17 responses to “Tum bin”
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Good
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Thanks
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Good
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Thanks
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,सुंदर
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Thanks
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Thanks
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सही कहा
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Thanks
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सुन्दर रचना
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Thanks
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वाह
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Thanks
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वाह
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Thanks
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अति सुंदर
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Thanks
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