poonam agrawal, Author at Saavan's Posts

Maker Sankranti

त्यौहारों का देश हमारा, पर्व अनेक हम मनाते है हर उत्सव में संदेश अनेक है, विश्व को हम बतलाते हैं अब पौष मास में निकल धनु से, मकर में सूरज आया है और संग अपने लौहरी एवम् मकर सक्रांति लाया है सक्रांति आते ही हर छत पर, रौनक छाने लगती है हर बच्चे को सुबह सुबह, याद छत कि आने लगती है रंग बिरंगी डोर पतंग से, आसमां को सजाते है और अपने अरमानों को, पंख भी संग लगाते है हर बुजुर्ग इसी दिन बचपन, को फिर से जी सक... »

यह कैसा नया साल है

यह कैसा नया साल है, यह कौनसा नया साल है ना मौसम खुशगवार है, ना छाई वासंती बहार है ना फसलें नयी आई है, संग शुभ मिती ना लाई है ना कोई पर्व त्यौहार है, ठंड से सबका बुरा हाल है फिर कैसा नया साल है, यह कैसा नया साल है सब रजाई में दुबके है, बाहर निकले इक्के दुक्के है ना ऊर्जा उत्साह उल्लास है, ना पवित्रता का भास है मौज मस्ती हुड़दंग बाजी 31st नाईट कि शान है फिर कैसा नया साल है, यह कैसा नया साल है इसे सं... »

Ehasaas

काश कि हर इंसा को होता, किसी की भूख का एहसास काश कि हर इंसा को होता, अपमान की तकलीफ़ का एहसास काश कि हर इंसा को होता, किसी के दर्द का एहसास काश कि हर इंसा को होता, किसी को खोने का एहसास काश कि हर इंसा को होता, किसी की खुशी का एहसास काश कि हर इंसा को होता, किसी को पा लेने का एहसास काश कि हर इंसा को होता, किसी के प्यार का एहसास काश कि हर इंसा को होता, किसी के दूर जाने का एहसास काश कि हर इंसा को होता... »

Baarish

ए बारिश तेरे रूप अनेक, तू समझ किसे ही ना आती कभी तरसाए मौसम में, कभी बेमौसम बरस जाती आते जाते आँसू कभी , खुशी और गम के दे जाती कल्पना तेरे बिना जीवन की, संभव ना हो पाती »

Sathi

ख्वाबों में जिसको देखा था मैंने, हकीकत में साथ वो रहने लगा है सोचा था साथ कौन देता है अब, हर कदम साथ वो चलने लगा है दिल की बातें किसे सुनाती, बिन बोले सब कुछ समझ लेता है करता नहीं कोई नशा मै तो, सुरूर बन फिर भी छाने लगा हैं »

Karwa chauth

इक रात चांद यूं पूछ बैठा, इक सुहागन नारी से क्यों करती मेरी पूजा तुम, यूं सज धज तैयारी से क्यों रहती भूखी दिन भर तुम, करती इंतजार चढ़ अटारी से पहले मेरा फिर पति का, क्यों देखती चेहरा बारी बारी से ना तो मैं तारों के जैसा, बिना दाग के दिखता हूं ना वृक्षों कि भांति मैं, छांव फल किसी को देता हूं मुझ तक तो आ पहुंचा मानव, सूरज जैसा ना अपराजित हूं फिर क्यों पूजा तुमने मुझको, जानने को मैं लालायित हूं सुनक... »

Tum bin

तुम बिन मैं एक बूँद हूँ, तुम मिलो तो सागर बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक धागा हूँ, तुम मिलो तो चादर बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक कागज हूँ, तुम मिलो तो किताब बन जाऊँ… तुम बिन मैं इक चिंगारी हूँ, तुम मिलो तो ज्योति बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक सुर हूँ, तुम मिलो तो संगीत बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक मोती हूँ, तुम मिलो तो माला बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक सांस हूँ, तुम मिलो तो जीवन बन जाऊँ... »

सर्दी

वसंत को कहा अलविदा, ग्रीष्म और वर्षा काल बीता अब शरद और हेमंत अायी, सर्दी शिशिर तक छाई ये सर्द सर्द सी राते, इसकी बड़ी अजीब है बातें कहीं मुस्कान अोस सी फैलायी, कहीं दर्द दिल को दे आयी जब संग ये मावठ लाती, बारिश संग उम्मीद जगाती रबी की फसले हर इक, खेतों की शान बढ़ाती बर्फिली हवाओं बीच, करता किसान रखवाली लेकिन जब पाला गिरता, फिकी हो जाती दीवाली माना व्यापार है बढ़ता, शादी का सीजन खुलता संक्रांत क्र... »

महात्मा गांधी

गांधी नहीं सिर्फ नाम है, वो देश का मान है नोटों पर देख तस्वीर, ना सोचो खास इंसान है वो हममें से ही आने वाला बिल्कुल आम इंसान है सिर्फ और सिर्फ भारत में ही, बसती उनकी जान है आंख पर चश्मा, हाथ में लाठी, सत्य अहिंसा पहचान है नायक नहीं वे जननायक, अंग्रेज़ो मे खौफ उनकी पहचान है हर जन गण में जगाना प्रेरणा, उनकी ताकत का राज है कठिनाईयों को पीठ नहीं दिखाना, सीखने की जरूरत उनसे आज है मुख पर राम; दिल में रा... »