ये ठण्ड है कि बरसात कुछ समझ नही आता,
कि मौसम ले रहा है रोज इतनी अंगडाईयां।
खुश है कि रूठा हुआ है किसी से,
इसकी अदाओ को कोई क्यो समझ न पाता?
Mausam
Comments
12 responses to “Mausam”
-

Good
-
Thank u
-
-

Good
-
Thank u
-
-
Nice
-
Thank u
-
-

Wah
-
Thanks
-
-
👌👌👌
-
🙏🙏🙏
-
-

वाह
-
Thx
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.