सचमुच ये रितुराज है।
तेरे स्वागत में प्रकृति ने वसुधा के कण कण को सजाया।
बाग – बगीचा बहती सरिता खुशबू से तरुवर नहलाया।।
कोमल किसलय कोमल कुसुम मदमस्त कामराज है।
सचमुच ये रितुराज है।।
सचमुच ये रितुराज है
Comments
9 responses to “सचमुच ये रितुराज है”
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सचमुच ऋतुराज है वसंत 🙏
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Man gaye
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Nice
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Good
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Thanks
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Ati sunder
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Thanks
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Good
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Good
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