करोना का कहर।

रोग कोरोना से हुई मानवता बेचैन
जीवन लगता रुष्ट है, बैरी दिखता चैन,
बैरी दिखता चैन, मौत का नग्न – नृत्य है
मौन-विधाता बता,किया क्यों क्रूर कृत्य है?
रोग शमित होगा तभी, रहें भीड़ से दूर
तभी बचेंगी चूड़ियाँ, माथे का सिन्दूर।

अनिल मिश्र प्रहरी।

Comments

10 responses to “करोना का कहर।”

    1. Anil Mishra Prahari

      धन्यवाद।

    1. Anil Mishra Prahari

      धन्यवाद।

    1. Anil Mishra Prahari

      धन्यवाद।

  1. Anil Mishra Prahari

    धन्यवाद।

    1. Anil Kumar mishra

      Thanks

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