आज उनकी गली में उजाले होंगे
जमीं पर पर बिखरे
अनगिनत सितारे होंगे
पैरों तले होंगे आसमां कितने?
नजरों में जन्नत के नजारे होंगे
कितनी मसरूफ है जिंदगी अपनी
उनके जहां में सुकून के
आलम ढेर सारे होंगे
हमसे गमों का बोझा ढोया नहीं जाता
वह खुशियां कितनी शिद्दत से
धागे में पिरोते होंगे।
पैरों तले होंगे आसमां कितने?
Comments
7 responses to “पैरों तले होंगे आसमां कितने?”
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Nice
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थैंक्स
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वाह बहुत सुंदर
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थैंक्स
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सुन्दर
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Nyc
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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