चोट जो तुमने दिया उसका कोष बना देते है
हम शायर है जनाब हम बातों से नहीं सिर्फ दिल में समझ जाते है
मकबरे हमारे नहीं हम लोगों के बना जाते है
हम शायर है जनाब प्यार कर के देखो ता उम्र तुम्हें याद किए जाते है
इस खलिश मे ना जिओ की दुनिया क्या कहेगी मेरे प्यार पर
हम शायर है जनाब खुद के या औरों के प्यार पर हम जान दिए जाते है
बात मज़हब का हो या मादरे वतन का
प्यार के वास्ते हम जान हथेली पर रख कर घूमते है
हम शायर है जनाब प्यार कर के देखो हम आज़माइश ए वफ़ा किए फिरते है
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