शहादत पर आँसू

क्यूँ नहीं देती है सरकार सैनिकों को
दुश्मन को सीधे गोली मारने की आजादी?
वो बस राह देखते हैं आदेश की और खाते रहते हैं
सीने पर गोली।
उनकी शहादत पर हम कब तक बहायें आँसू?
सुहागिने कब तक अपना सन्दूर खोएं?
उन्हें एक बार अपनी राजनीति से मुक्त करो
फिर देखो कैसे
चीन की गर्मी निकलती है
और हिन्दुस्तान से सबकी नज़र हटती है ।

Comments

11 responses to “शहादत पर आँसू”

  1. Praduman Amit

    Wah bahut khoob

  2. Pragya Shukla

    धन्यवाद आपका

  3. This comment is currently unavailable

  4. बहुत ही लाजवाब

Leave a Reply

New Report

Close