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    1. आवरण मेरा बहुत ही भव्य है,
      आचरण में दाग धब्बे पड़ गए,
      जम गई अंतः पटल में कालिमा
      बाहरी दिखने की है यह लालिमा।
      – डॉ0 सतीश पाण्डेय, चम्पावत
      उत्तराखंड।

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