बारिश

मौसम ए साजिश का है,
ये मौसम बारिश का है,
किसी को इंतज़ार रहता है,
बारिश में भीगने का,
एहसास,अच्छा होता है।
हवाओं में वो सुकून होता है,
ये मुहब्बत का सुरूर होता है।
दिल ये मगरूर होता है,
आशिकों का नूर होता है,
ख्वाबों का जुनून होता है।
जब मौसम बारिश का होता है.
मन में बहार होता है,
खेत में अनाज होता है,
बारिश में जो हाल होता है,
सबको वो याद होता है।
दिल में एक सवाल होता है,
कि कैसे ये बरसात होता है।

Comments

11 responses to “बारिश”

  1. Anita Sharma

    Sundar kavita

    1. Amulya ratna tripathi

      🤟tks

  2. Satish Pandey

    बरसात की भावपूर्ण अभिव्यक्ति की गयी है,
    वाक्यांत “है” का प्रयोग कलागत सुंदरता बढ़ा रहा है,
    आनंद की अनुभूति कराती कविता

    1. Kumar Piyush

      यह समीक्षा और आलोचना की सही दिशा है,
      यदि वर्तनीगत अशुद्धियों के साथ साथ कलापक्ष व् भाव पक्ष पर विश्लेषण किया जाए तो सही दिशा रहेगी,

  3. Amulya ratna tripathi

    धन्यवाद जी

  4. Indu Pandey

    achchhi kavita

  5. मौसम-ए-साजिश या मौसम ये साजिश का है?
    भावपक्ष प्रधान होने के कारण उम्दा रचना

    1. Amulya ratna tripathi

      धन्यवाद

      1. Abhishek kumar

        वेलकम

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