6 Comments

  1. मकान की और मनुष्य की पारस्परिक तुलना प्रशंसनीय है.. यमक अलंकार का भी बहुत सुंदर प्रयोग है। सुंदर रचना

  2. मानवीय अलंकार यमक अलंकार तथा रूपक अलंकार का सुंदर प्रयोग साथ ही करुण रस वियोग श्रृंगार रस का भी यथा उचित प्रयोग किया गया कवि की कोशिश सराहनीय है

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