मेरी लाङो

तेरी सफलता के चमक के आगे
सितारों की चमक फीकी हो !
तेरे कठिन मेहनत का फल
नीले गगन से भी ऊँची हो!
ऐसी हो तेरी जय गाथा
तू आगे सफलता तेरे पीछे हो!
मुकम्मल तेरी हर कोशिशे
नाकामी पैरों के नीचे हो!
मेरी लाडो मैं क्या ,
ये वतन नाज करे तुझपर
सारी कायनात की करम तुझपे हो!
बेटी को जन्म देना धर्म बन जाए सबका
सबकी चाहत रहे-मेरी बिटिया भी ऐसी हो!
जन्मदिन की बधाई हम देते हैं तुमको
सब जङचेतन देने को बधाई आतुर हो
आने वाले आगे के जन्म दिन ऐसे हो!
Happy Birthday Bittu

सुमन आर्या

Comments

5 responses to “मेरी लाङो”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    सुन्दर

  2. Geeta kumari

    Nice

  3. कवित्री का भाव पुछ बहुत मजबूत है

  4. Satish Pandey

    वाह सुमन जी

  5. बहुत सुंदर पंक्तियां

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