शत शत नमन है भूमिपुत्र को

जय हो कृषक, जय हो किसान,
भारत मां का तू सम्मान
“लॉकडाउन” की मजबूरी में,
महंगे दामों बेच रहे थे,जब साहूकार अपना सामान
तब भी भूमिपुत्र ने अन्न दिया,
अधिक दाम भी नहीं लिया
शत शत नमन है उस हलधर को,
जो कर रहा देश को अन्न दान
तू इस मिट्टी की पहचान,
भारत मां की तू है शान
भूखा ना रहे कोई भी घर,
प्रयत्न कर रहा है हलधर

Comments

11 responses to “शत शत नमन है भूमिपुत्र को”

  1. Satish Pandey

    अन्नदाता किसान का सुंदर चित्रण है वाह

  2. Geeta kumari

    बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

  3. अन्नदाता किसान पर लिखी गई यह पंक्तियां मेरे ह्रदय को बहुत ही सुंदर व हृदय विदारक लग रही हैं

  4. Devi Kamla

    Nice poem

    1. Geeta kumari

      Thank you Kamla ji🙏

  5. Piyush Joshi

    बहुत खूब

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद पीयूष जी 🙏

  6. Indu Pandey

    Waah very nice

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद इन्दु जी 🙏

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