उन्हें सलाम करते हैं हम

अपना शीश चढ़ा देते हैं
जो भारत के कदमों पर
उन्हें वीर कहते हैं हम
उन्हें सलाम करते हैं हम.
सरहद पर सीना ताने
बन्दूक लिए हैं कन्धों पर
उन्हें वीर कहते हैं हम
उन्हें सलाम करते हैं हम।
कोई भी दुश्मन आँख उठाकर
देख न पाए भारत को
ऐसे जांबाज खड़े सीमा पर
उन्हें सलाम करते हैं हम।
जाड़ा, गर्मी, बारिश कुछ हो
अडिग खड़े हैं सीमा पर
उन्हें वीर कहते हैं हम
उन्हें सलाम करते हैं हम।
—— डॉ. सतीश पांडेय

Comments

5 responses to “उन्हें सलाम करते हैं हम”

  1. भावपूर्ण रचना।
    जय हिंद जय भारत

  2. MS Lohaghat

    वाह क्या बात है

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद शास्त्री जी

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