मन के गम दूर करें
आओ दो बात करें,
जो हैं दिल टूटे हुए,
उनमें उत्साह भरें।
किसी की चाह रखें,
न कभी डाह रखें,
कठिन हो वक्त भले
न कभी आह भरें।
मजे भरपूर करें,
गमों को दूर करें,
जिन्दगी चार पल की
पल की परवाह करें।
खुद से गलती हो अगर
खुद ही महसूस करें,
हित करें, कर सकें तो,
अहित कभी न करें।
मन के गम दूर करें
आओ दो बात करें,
जो हैं दिल टूटे हुए,
उनमें उत्साह भरें।
मन के गम दूर करें
Comments
13 responses to “मन के गम दूर करें”
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waah bahut uttam bhaawa paandey ji
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सादर धन्यवाद जी
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उत्तम भाव
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सादर धन्यवाद जी
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बहुत सुन्दर
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बहुत बहुत धन्यवाद
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कह तो सही रहे हैं आप पर मुश्किल बहुत है
बहुत कठिन है डगर पनघट की।-
ji eisaa to hai,
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🙏🙏
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बहुत खूब
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धन्यवाद
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good
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Thank you
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