शुरुआत की खातिर

गम-ए-हयात की खातिर या किसी बात की खातिर,
हम तो खामोश रहे इक नई शुरुआत की खातिर..
कुछ रहे पास, खुदा से ये भी बर्दाश्त ना हुआ,
उसने आंँसू भी ले लिए मेरे, बरसात की खातिर..

मायने :
गम-ए-हयात – ज़िन्दगी के गम

Comments

6 responses to “शुरुआत की खातिर”

    1. Prayag Dharmani

      Shukriya Sir

    1. Prayag Dharmani

      धन्यवाद जी

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