फलक

‘लड़ा था खुद से ज़मीं पर तेरी खुशी के लिए,
फलक में रहके खुदा से भी जंग वही होगी..’

– प्रयाग

मायने :
फलक – आसमान

Comments

10 responses to “फलक”

  1. अतिसुन्दर

  2. Satish Pandey

    आपकी पंक्तियाँ वास्तव में अत्यंत प्यारी हैं

    1. शुक्रिया.. बस यूँ समझ लीजिए कि जो ज़िन्दगी ने दिया वही तजुर्बा लिख देता हूँ..

  3. Pratima chaudhary

    बहुत ही उम्दा

    1. Prayag Dharmani

      बहुत शुक्रिया

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