अच्छे इंसान की भी एक आदत बुरी पाई,
हर किसी को समझा अच्छा, बस यही मार खाई ।
आदत
Comments
17 responses to “आदत”
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Wow, very good
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Thank you very much mam 😌
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शानदार
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बहुत बहुत शुक्रिया जी 🙏
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वाह, बहुत सुंदर काव्य धारा प्रवाहित हो रही है,
रुकना नहीं निरंतर बढ़ते जाना है।
रुककर अपनी इस प्रतिभा से अन्याय नहीं करना है।
बढ़ते जाना है बढ़ते जाना है।-
इस सुन्दर समीक्षा हेतु हार्दिक आभार एवं धन्यवाद आपका सर 🙏
हौसला अफजाई के लिए आपका शुक्रिया जी ।
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वाह, बढ़ते रहिये
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बहुत बहुत धन्यवाद जी 🙏
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बेहतरीन
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सादर आभार एवं धन्यवाद आपका भाई जी 🙏
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सुन्दर
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धन्यवाद जी
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बहुत बढ़िया
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🙏🙏 धन्यवाद जी
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बहुत खूब
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बहुत बहुत शुक्रिया जी 🙏
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वाह वाह
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