12 Comments

  1. दिल को छू गई ये पंक्तियां।….. कवियित्री ने बहुत ही नज़ाकत और सुंदरता से अपनी यादों का जिक्र कर दिया।
    अति उच्चस्तरीय लेखन प्रज्ञा,…..keep it up.

  2. वाह, बीती बातों को पीली पत्तियों का उपमान दिया गया है।पीली पत्तियों तो तोड़ना ही ठीक रहता है। ताकि हरे भरे तरीके से आगे बढ़ा जा सके। अतीव सुन्दर लेखनी को सैल्यूट है प्रज्ञा जी।

  3. लक्षणा शब्द शक्ति का बहुत ही सुंदर प्रयोग, सकारात्मकता की तरफ शुरुआत के सुंदर भाव
    बहुत सुंदर कविता

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