नहीं मानते तकलीफ हम,
लहू के बहने का ।
जब मन के घाव गहरे हो,
जो न भरते हैं, ना दिखते हैं।
नहीं मानते…..
Comments
14 responses to “नहीं मानते…..”
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सुंदर
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धन्यवाद सर
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बहुत ख़ूब
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धन्यवाद गीता जी
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सुन्दर
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धन्यवाद जी
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खूबसूरत
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धन्यवाद जी
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सुन्दर पंक्तियां
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धन्यवाद
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nice line
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Thank you
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बहुत बढ़िया
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धन्यवाद
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