साथी मेरा नटखट कम नहीं है वो,
हमारे नयनों पे हाथ रख के..
पूछे कौन है , बताओ तो,
हम भी कम नहीं हैं , कुछ..
आहट से जान लेते हैं ,
ख़ुशबू से पहचान लेते हैं ।
नटखट साथी
Comments
21 responses to “नटखट साथी”
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वाह
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सादर धन्यवाद भाई जी 🙏
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सुन्दर प्रस्तुति
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बहुत बहुत धन्यवाद प्रतिमा जी
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बहुत ही बेहतरीन पंक्तियाँ, वाह वाह,
“आहट से जान लेते हैं ,
ख़ुशबू से पहचान लेते हैं ।”
जितनी तारीफ की जाय वह कम है।-
सुंदर समीक्षा के लिए आपका बहुत धन्यवाद सतीश जी।🙏
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सुन्दर
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Thank you suman ji
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ओहो, कॉमन सेंस
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Thanks for your pricious complement pragya…🙂
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Pricious comment kar hi pati hoon
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Haan pragya,bilkul kar pati ho
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Very very nice
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Thank you very much for your nice complement chandra ji🙏
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Wow geeta, very nice poem 👏
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बहुत खूब
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धन्यवाद पीयूष जी 🙏
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Waah Waah
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Thank you sir
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बहुत खूब
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शुक्रिया कमला जी🙏
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