6 Comments

  1. सही है ऐसा ही है मेरी कालोनी में तो अभी से दिवाली आ गई
    पटाके सोने नहीं देते..
    मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा ओडोमॉस लगाएं
    नाचकूद कर मच्छर को दूर भगाए

  2. वाह भाई जी मच्छर ने इतना परेशान किया फिर भी कवि बनने का श्रेय आप उसे है दे रहे हैं, मैं तो नहीं मानती ।मच्छर खामखां खुश हो रहा होगा सुबह से कि उसने शास्त्री जी को कवि बना दिया ।शान मार रहा होगा दोस्तों में ।….. हा हा हा.बहुत ही सुन्दर कविता है भाई जी ।बहुत हंसी आई पढ़ कर ।

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