12 Comments

  1. वाह वाह, बहुत सुंदर पंक्तियां, कवि गीता जी ने इस कविता में सच को उजागर किया है। इतनी प्रभावशाली बात को इस तरह सुमधुर शैली में प्रस्तुत कर देना कवि की विद्वता की निशानी है। पुत्र प्राप्ति की चाह में कन्या भ्रूण हत्या करने वाले यह नहीं समझते हैं कि बेटियां प्रेम की मूर्ति हैं। बहुत सुंदर रचना है।

  2. कविता की इतनी सुंदर और उत्साह वर्धक समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी ।कविता के मर्म को समझने के लिए और
    आपकी मूल्यवान टिप्पणी के लिए आपका बहुत बहुत आभार सर🙏

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