6 Comments

  1. वाह, गजब की कविता लिख दी पाण्डेय जी, जितनी तारीफ की जाये कम है, आपकी लेखनी शानदार कर रही है। वाह

  2. वाह सर बहुत ही सुन्दर कविता है । विजय दशमी के पावन अवसर पर श्री राम के आदर्शो को स्मरण करवाती हुई बेहद शानदार रचना । आज कल के समाज में ,समाज को सुधारने के लिए, ऐसी कविताओं की बहुत जरूरत है । उच्च स्तरीय लेखन

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