रोज है सुनने में यह आता
गर हेल्मेट होता बच जाता,
फिर भी बाइक पर चलने पर
हेल्मेट को टांगे रहते हैं।
दुर्घटना हो जाने पर फिर
सारे लोग यही कहते हैं
गर हेल्मेट होता बच जाता।
लापरवाही जिसने भी की
गँवा जिन्दगी उसने ही दी,
सिर की रक्षा को हैल्मेट है
उसे पहन लो क्या दिक्कत है।
ईश्वर न करे गर कभी
अचानक दुर्घटना हो जाती है,
हैल्मेट यदि सिर पर होगा तो
जान वहां पर बच जाती है।
नियम और कानून सड़क के
बने हैं जीवन की रक्षा को,
इनका अक्षरशः पालन हो,
बाइक पर सिर पर हैल्मेट हो।
गर हेल्मेट होता बच जाता
Comments
5 responses to “गर हेल्मेट होता बच जाता”
-

वाह वाह सर, सच्ची सलाह, उत्तम कविता
-

जीवन और जिंदगी से जुड़ी कविता वाह
-

वाह क्या बात है, जागरूकता फैलाती रचना
-
वाह सतीश जी हेल्मेट पहनने की सलाह और जागरूकता अभियान
बहुत बढ़िया सर। पर हमारी दिल्ली में तो हेल्मेट अनिवार्य है।
अति उत्तम भाव और महत्वपूर्ण सुझाव देती हुई बहुत ही सुन्दर रचना -

अच्छी सलाह है
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.