6 Comments

  1. बहुत ही सहज और सटीक रचना
    इधर उधर घुमाते हुए नहीं
    वरन् आपने सीधे
    अपनी बात पहुंचाई है…
    आगे भी आईये और सावन शोभा बढ़ाईये अपने साहित्यिक योगदान से…

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