8 Comments

  1. बहुत खूब मनी प्लांट का ख़ूबसूरती से मानवीकरण किया है और जीवन की सच्चाइयों से अवगत कराती हुई लाजवाब अभिव्यक्ति

  2. वो छज्जे पर गमले में बैठा
    मेरा मनी प्लांट’
    मुझसे से सवाल पर सवाल करता रहा और
    मैं खामोश थी…
    कवि प्रज्ञा जी की लेखनी से निकली यह कविता उच्चस्तरीय है। कवि ने अभिधागत लक्ष्यार्थ से कथ्य को प्रस्तुत किया है। बेहतरीन रचना

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