4 Comments

  1. सर आपने बहुत ही अच्छा लिखा है, वास्तव में जो माता-पिता को भूल जाता है वो जिन्दा होकर भी मुर्दे के समान होता है

  2. बिलकुल सही कहा आपने ।
    माता पिता की बात भी चुभने लगती है
    जवा होते ही, इनकी हर बात बुरी लगती है
    गैरो की बात वो असर कहाँ रखती है
    पर निज खून की छोटी सी फटकार भी चुभती है ह

  3. माता-पिता की उपेक्षा करने वालों को आपने सही आईना दिखाया है। बहुत ही अच्छी कविता

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