9 Comments

  1. वाह ,कवि ने सड़क का बहुत ही सुन्दर तरीके से नारी रूप में मानवीकरण किया है । अति सुन्दर और सटीक रचना

  2. काव्य प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर शास्त्री जी को बहुत बहुत बधाई, आशा है कि इसी तरह आपकी लेखनी का रसास्वादन हमें प्राप्त होता रहेगा।

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