पर्यावरण क्या है

कविता-पर्यावरण है क्या
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सभी सुनो,
पर्यावरण है क्या,
क्या इसकी परिभाषा है,
प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से,
जीव जंतु मानव –
जिससे प्रभावित हो,
उसी को कहते पर्यावरण है|
अंबर भू धूप हवा
पानी वर्षा भूख अकाल
दूषित जल कोयला कंकड़
मोरम मिट्टी अंबर बिजली
सब पर्यावरण के अंश ही है|
मानव जिससे पीड़ित होगा,
मानव जिससे हर्षित होगा,
दूषित जिससे अंबर होगा,
सरिता जिससे सूखी होगी,
सागर की सारी मछली-
पानी में रहकर भूखी होगी,
या पानी पीकर मरती होगी,
समझ जरा जग के बंदे
कांटा उपवन पर्वत नंगे,
जल थल अंबर सब दूषित है,
यह बात सभी पर्यावरण के अंतर्गत है
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–✍️ऋषि कुमार ‘प्रभाकर’—

Comments

3 responses to “पर्यावरण क्या है”

  1. पर्यावरण पर बहुत खूबसूरत रचना

  2. Geeta kumari

    दूषित जिससे अंबर होगा,
    सरिता जिससे सूखी होगी,
    सागर की सारी मछली-
    पानी में रहकर भूखी होगी,
    _______पर्यावरण पर प्रकाश डालती हुई कवि ऋषि जी की बहुत उम्दा प्रस्तुति

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