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  1. इंसान तेरे रूप अनेक
    कोई ईमानदारी का प्रतीक
    कोई बेमानी की मिसाल,
    कोई जलता दीपक मंद करता है
    कोई जलाता है मशाल,
    _______इंसान की यह खासियत है कि प्रत्येक इंसान दूसरे से भिन्न है इसी इन्सानी फितरत को इतने अच्छे प्रकार से समझाती हुई कवि सतीश जी की जीवन दर्शन करवाती हुई बहुत सुन्दर कविता। भाव और कला पक्ष बेहद मजबूत है,कविता पाठक को अंत तक बांधे रखने में सक्षम है

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