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  1. पेट की खातिर हाथ फैला रहे होते।
    तभी युवा अजय ओली की
    स्नेहिल नजर पड़ी उन पर,….
    ऐसे कर्मठ युवा को
    कवि की कविता की
    सलामी कुबूल हो।
    ________अजय ओली जी पर लिखी हुई कवि सतीश जी की बहुत ही श्रेष्ठ रचना। ऐसे कर्मठ और देश की भावी पीढ़ी के लिए योगदान करने वाले व्यक्ति को अपनी कविता में सलामी दे कर कवि ने अपने हृदय की सुन्दरता को व्यक्त किया है। अजय ओली जी को सादर प्रणाम और कवि को अभिवादन

    1. बहुत जबरदस्त समीक्षा शक्ति है गीता जी, चाइल्ड बेगिंग खत्म करने के अभियान में शिद्दत के साथ जुटे युवा अजय ओली जी पर लिखी इस कविता को आपने बारीकी से पढ़ा और सुन्दर प्रतिक्रिया दी, ऐसी समीक्षा एक सहृदय रचनाकार ही कर सकता है। सादर अभिवादन।

  2. वास्तव में बहुत सुंदर रचना है यह आपकी, कवि का फर्ज भी यही है कि समाजसेवियों को प्रोत्साहित किया जाये।

  3. बाजार में प्रविष्ट करते ही
    छोटे-छोटे बच्चे पीछे लग जाते थे,
    बाबू जी दे दो, माताजी दे दो,
    भैया जी दे दो, दीदी जी दे दो।
    स्कूल का समय होता
    लेकिन वे माँग रहे होते।
    पेट की खातिर हाथ फैला रहे होते।
    तभी युवा अजय ओली की
    स्नेहिल नजर पड़ी उन पर,
    मानवता की भावी पीढ़ी
    भीख मांग रही थी इस कदर।

    सामाजिक कार्यकर्ता अजय ओली जी पर बहुत सुंदर रचना

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