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  1. होली पर ना पीना हाला,
    हानि देता है बदन को
    इसका एक छोटा सा प्याला
    गुजिया खाओ लड्डू खाओ,।
    ——– बहुत उत्तम सृजन। बहुत सुन्दर कविता। लेखनी की निरंतरता को सैल्यूट।

    1. उत्साह वर्धन करने के लिए और प्रेरक समीक्षा हेतु आपका बहुत बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी अभिवादन सर

  2. होली पर ना पीना हाला,
    हानि देता है बदन को
    इसका एक छोटा सा प्याला
    गुजिया खाओ लड्डू खाओ,
    रंग लगाकर मौज उड़ाओ
    ___सुंदर संदेश देती हुई रचना

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