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  1. जला दो नफ़रत की होलिका
    होली आई है खुशियाँ लेकर।
    मिटे अहंकार की सब बोलियाँ
    होली आई है खुशियाँ लेकर।।
    —– बहुत ही उच्चस्तरीय भाव, बहुत सुंदर कविता।

  2. जलनेवाले को जलने दे
    बना विनयचंद प्रेम की टोलियाँ
    होली आई खुशियाँ लेकर।।
    ________ होली के पावन पर्व पर कवि विनयचंद जी की, बहुत सुंदर और उच्च स्तरीय रचना ,उम्दा लेखन

  3. जला दो नफ़रत की होलिका
    होली आई है खुशियाँ लेकर।
    मिटे अहंकार की सब बोलियाँ
    होली आई है खुशियाँ लेकर।।
    काले गोरे का भेद मिटाकर
    सबको एक रंग में रंग दे।

    _________
    होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आपको।।

    होली पर नफरत मिटाती है और प्रेम के भाव व्यक्त करते हुए
    उच्च स्तरीय रचना।।

  4. सबको एक रंग में रंग दे।
    नशा चढ़े एक प्रेम का सबको
    घोंट घोंट घोंटा भंग दे।।

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