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  1. नशा नाश का दूजा नाम तन, मन, धन तीनों बेकार।।”
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    नशा नहीं जिंदगी अपनाओ
    अपने परिवार को हादसों से बचाओ।
    होली हो या हो दिवाली या हो कोई त्यौहार..

    समाज के हित को
    बतलाती हुई कविता
    उच्चस्तरीय लेखन

  2. मद्यपान के नुकसान को बताती रचना
    ——–उच्च स्तरीय भाव और उम्दा लेखन…… होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

  3. नशा नहीं जिंदगी अपना वाह क्या बात है आपकी लिखने का तो जवाब ही नहीं कला पक्ष भाव पक्ष तथा संवेदना हर प्रकार से आपकी रचना उच्च कोटि की है

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