Aao kabhi

कभी आओं फुर्सत मे सब मिलजुलकर एक साथ बैठे,
कुछ तुम कहो अपनी और कुछ हाल हम भी पूछे।
इस जिन्दगी की आपाधापी मे हम खुद को ही भूल गये,
न जाने कितने रिश्ते-नाते हमसे पीछे छूट गये।
सबका जीवन है विपरीत परिस्थितियों से भरा हुआ,
हर इन्सान है रोजी-रोटी के चक्कर मे ही पड़ा हुआ।
ये तो सब चलता आया है और आगे भी चलता जायेगा,
मिलजुल लो सब आपस मे गुजरा वक़्त फिर न आयेगा।।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

11 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 13, 2020, 3:58 pm

    Nice

  2. Priya Choudhary - January 14, 2020, 10:59 am

    सही कहा

  3. Neha - January 14, 2020, 12:54 pm

    nice

  4. NIMISHA SINGHAL - January 16, 2020, 1:55 pm

    👌👌👌🌺🌺

  5. Kanchan Dwivedi - January 16, 2020, 3:39 pm

    Right

  6. Pragya Shukla - January 17, 2020, 10:15 pm

    Nice

Leave a Reply