Aie jindagi

ऐ जिंदगी,
तुम गम की राहों से निकल,
चल जहां गम के साए न हो,
चल वहां जहां खुशियों की जन्नत हो,
बहारे आएंगी और जाएंगी,
जीवन तो सुख और दुख का मेला है,
उसी मेले से तुझे गुजारना है,
गम के दरिया को तू किनारे कर,
खुशियों की दुनिया में तू कदम रख,
औरो के लिए ही नहीं खुद के
लिए भी तू जीना सीख,
ए जिंदगी,
तू गम की राहों से निकल |


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12 Comments

  1. राही अंजाना - November 6, 2019, 5:17 pm

    वह

  2. देवेश साखरे 'देव' - November 6, 2019, 8:52 pm

    सुन्दर रचना

  3. NIMISHA SINGHAL - November 6, 2019, 9:12 pm

    सुंदर रचना

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 6, 2019, 11:37 pm

    Sunder

  5. nitu kandera - November 8, 2019, 9:35 am

    Nice

  6. राही अंजाना - November 11, 2019, 11:55 am

    वाह

  7. Abhishek kumar - November 24, 2019, 11:35 pm

    तुझसे नाराज़ नहीं जिंदगी

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