Antariksha Saha, Author at Saavan - Page 2 of 4's Posts

रात

रात को जगने वाले हर कोई आशिक नहीं होता साहब कुछ को अगले दिन रोटी की फ़िक़्र होती है »

आज़ाद है

तुम मेरे ज़िन्दगी खरीद सकते हो पर ख्वाब तोह आज़ाद है तुम मेरे तन को गुलाम कर सकते हो पर लब तोह आज़ाद है तुम मुझे मौत दे सकते हो पर सोच तोह आज़ाद है यह सोच आने वाले नस्ल मे सैलाब लाएगा मेरे नस्वर देह के जलने पे हज़ारों शहीदे मादरे वतन लाएगा »

वक़्त

वक़्त का क्या है कट जाता है जनाब जिस वक़्त पर तुम्हे गुरुर है वोह भी कट जाएगा »

दुश्मन

तुम लोगों से अच्छे दुश्मन है कम से कम दोस्त होने का दावा तोह नहीं करते »

गुरुर

इतना गुरुर ना कर अपनी खुबसुरती पड़ यह तोह उम्र के साथ चला जायेगा जितना उस खुदा ने प्यार और शिद्दत ने तुझे बनाया काश उतना अच्छा दिल दिया होता तोह इतनी ज़िंदगियां बर्बाद ना होती »

अधूरी सी कविता

तेरे जाने पे खुद को समेट लिया था सोचा था ज़िन्दगी खत्म है ना नींद थी ना चैन था इश्क़ इबादत थी कभी ना रैन था बात दिल की लफ़्ज़ों में थी पर लब पे खामोशी सी थी सच कह रहा तेरी कसम आज भी सपनों मैं तेरी राह तकता हूँ ज़िन्दगी के और कुछ पल खुदा ज़रूर लिखता तोह उसका क्या बिगड़ता मन के किसी कोने में आज भी मुलाकात की उम्मीद रखता हूँ »

मौला

साद और बर्बाद भी हुआ मौला प्यार भी किया नफरत भी किया मौला गुनाह भी किया मौला शफा भी किया अंत में रुका जहा तोह पिटारा खाली था जो कमाया वोह रह गया मौला तू कही भी नहीं दिखा मौला बस लोग थे गिने चुने हर बंदे मै तेरा अक्स है शायद और मै मन्दिर मस्जिद तुझे छानता फिरा काश कुछ पल होते कुफरत के होते कुछ लोगों का भला भी हम करते मौत के बाद का पता नहीं कुछ लोगों के चेहरे की मुस्कान की वजह बनते कुफरत-क्रूसेड साद... »

गम है तोह

गम है तोह रो ले चेहरा पढ़ के दिल का हाल जाने वाले अभी कहा बनते है »

बारिश की पहली बूंद सी

बारिश की पहली बूंद सी सुकून दे जाती तू इस तपती धरती को जीने के और मौके दे जाती तू लाखों वजूहात थे नफ़रतें थी सब धूल गए अब बस तुझमे घुल जाने को दिल करता है बारिश के तेरे उस सहलाब मैं खो जाने को दिल करता है पहली बारिश की तरह आज भी तेरी आस देखता हूँ अपने आप में खुशनुमा तोह एक स्वांग है आज भी तेरी राह देखता हूँ »

ज़िन्दगी कोरा कागज़ थी हमारी

ज़िन्दगी कोरा कागज़ थी हमारी तुमने कुछ रंग भर दिए आये हो तोह रुक जाओ इतनी जल्दी क्या जाने की पर रोक तोह हम सकते नही वरना रब बुरा मान जाएगा उसे भी तोह अच्छे लोगों की जरूरत है एक मैं ही महिरूह सा रह गया रंगों के बौछार के बावजूद एक मैं ही बेरंग सा रह गया »

फुरक़त

जब फुरक़त हुई तोह पता चला काश फुरसत से अगर तुझे चाहा होता »

बेगाने

चले थे हम भी साथ ही तोह तुम आगे हम पीछे रह गए ज़िन्दगी ने तुम्हे सहारा दिया हमे अंधेरा इसमे कोई मलाल नहीं पर कभी तोह पीछे मुड़कर तुम देखते एक आध चाय के जाम हम छलकाते आखिर कभी यारी थी हमारी »

फुरक़त

जब फुरक़त हुई तोह पता चला फुरसत से अगर तुझे चाहा होता »

तेरी नाराज़गी

इतनी भी क्या नाराज़गी पगली एक बार पूछ तोह लिया होता गुस्से से चल दी तू एक बार मुड़ के देख तोह लिया होता सोच के देखो जो छोड़ के जाते है वोह अक्सर रूठ जाते है »

रेत की तरह

रेत की तरह यू हाथ से छूट रहा है तू जितना जोड़ लगाओ उतना तेज़ फिसल रहा है तू याद रख तेरे रब ने कभी तेरा हाथ कभी नहीं छोड़ा हैं तेरे अपनो ने कभी तुझ पढ़ हौसला न छोड़ा हैं धुमिल लक्ष की तरफ बढ़ता जा तू लोग जुड़ते हैं तोह ठीक वरना खुद ही उसके राह चलता जा तू तेरे अपनो ने कभी तेरे ईमान को टटोला नहीं तेरी चुप्पी को कभी तेरी कमज़ोरी से जोड़ा नहीं अपने अंदर के आग को बाहर आने दे यह जिस्म को तप के लोहा बन जाने दे »

यह दुनिया

हम तो झूठ की ही दुनिया में जीते हैं क्यों कि सच हमे अकेला कर देता है मुखोटा सबका सही लगता है बस अपना आईना साथ लिए घमुते है »

रेत

रेत यू तोह हाथ से फिसलता हैं जितना जोड़ लगाओ उतना तेज़ फिसलता जाता है पढ़ उसमे पानी मिलाओ तोह हाथ मे जम जाता है रिस्ते में इज्ज़त उस पानी का काम करती है »

ज़िंदगी सतत संग्राम

ज़िन्दगी सतत संग्राम हैं यारों यहां हर चीज़ की लड़ के हासिल होती है कोई हमे रास्ता नहीं देता खुद ही रास्ता बनाने की कोसिस करनी होती है हार मान लेने से लक्ष्य को पाने में मौत को गले लगाना कही बेहतर हैं क्यों कि हारे हुए और मरे हुए कोई भेद नहीं होता ज़िन्दगी सतत संग्राम हैं यारों यहां हर चीज़ की लड़ के हासिल होती है »

माँ की साज़िश

माँ भूख लगी है घर में कोई खाना नहीं हैं तोह क्या खाली बर्तनों को चूल्हे में जलाकर ताकी खाने की आस में उसे नींद आ जाये यह भी याद है माँ भूख लगी है हर एक झूठ बोल कर कल मीठा बनाउंगी बोल तेरा दाल चावल खिलाना याद हैं माँ भूख लगी है खुद एक रोटी खा कर मुझे भूख नहीं है कह कर सो जाती तू यह भी मुझे याद है »

ज़िन्दगी

इतनी भी नाराज़गी ठीक नहीं की फासले उम्र भर का हो जाये पल भर का जीना है यारों बेगाने लोगों को छोड़ यहाँ अपनो से फुरसत नहीं। »

इंतज़ार

इन्तेक़ाम से इंतज़ार ही बेहतर हैं उम्मीद का दामन पकड़कर थोड़ा चैन से बैठो कभी ना कभी उसे तुम याद आओगे इस अहसास से ज़िन्दगी देखोगे तुम काट पाओगे इंतेज़ार की ताकत को नज़रअंदाज़ ना करो साहब तपन की आग में कोयले से भी हीरा बन जाता हैं »

मध्यम वर्ग का सपना

तिनको का घोसला था मेरा बरसात में डय गए सपनो के पर थे मेरे उड़ने से पहले बर्बाद हो गए माध्यम वर्ग का यही होता हैं सपनो को नतीजो से तोला जाता हैं सभी अवःल आने की होड़ में है पर अवःल तोह किसी एक ही का हैं यह भूल जाते हैं »

जज़बात

जज़बात आज फिर से उमरे है कलम आज फिर बरसे है फिर से इस नादान दिल को फिसलने का मौका मिला है फिर से आँखों में उसका नूर दिखने लगा है उम्मीद ना थी इस दिल को की तुम मिल जाओगी इस गहरी रात की यू खुशनुमा सुबह हो जाएगी »

प्यार का पहला पन्ना

तुझसे क्या नाता जुड़ा की हर सकस मैं तू नज़र आया इतनी भी ना पास आ तू की मेरे अकेलेपन को तेरी आदत पड़ जाए गम ए दिल को दर्द की तोह आदत है पर वहा ए मोहब्बत पहली बार है सजदा किसका करु पता नहीं तेरा या उस खुदा का जिसने तुझे बनाया »

अक़ीदत

तेरी अक़ीदत मेरी इबादत तेरी ज़ीनत(श्रृंगार) मेरी सलत (prayer) तुझसे मिलाने के लिए उस खुदा का शुकराना, तेरी चाहत में इस नाचीज़ का कबूल कर नज़राना ऐसा क्यों लगता हैं की ज़िन्दगी के कुछ पल नासार हैं तेरे साथ इस जनम का नहीं बाकी के सारे जन्मो का साथ हैं, तुझसे से बस एक ही दुआ हैं मेरी की मौत भी ना जुदा कर पाए ये साथ तेरी »

उंगली पकर कर

उंगली पकड़ कर थामा था जिसका हाथ पता नहीं क्यों वो छोर गया मेरा साथ मेरे अनकही बातों को समझने वाले जज़बात पता नही क्यों खुदा को नहीं आया रास मेरे सभी ख्वाइशों को सुनने वाले पूरे हो या ना हो पर भरसक कोशिश करने वाले पता नहीं क्यों आज भी गुज़ारिश करता हूँ थोड़ा ही सही दिल में आज भी उनके पूरे होने की ख्वाइस रखता हूँ »

Dard

दर्द तूफान में उजड़ने का नहीं दर्द अपनो का तूफान में मुझे देखकर किवाड़ बंद करने का है »

पहला प्यार

पहला प्यार जाम की तरह होती हैं जब भरी हो तोह उसका अहसास नहीं होता जब खाली हो तोह उसकी लत छूटती नहीं »

ज़मीर

यार दफन करना मुझे आग तोह तेरे पास भी नहीं होता तोह आज यह नौबत ना आती यार फूलों से सजाना नहीं कुछ तोह अपने पास रख देना कुचलने पढ़ अपने मरहम पढ़ ओढ़ लेना यार रोना नहीं मेरे मौत पढ़ खुश तोह अपने मौत पढ़ भी हुए थे सपनो के लिए खुद को कुचल के जिये थे आज सोचों तोह सपने सारे हासिल हो गए पढ़ खुशि कहीं बेसुध सी खड़ी हैं यार दफन करना मुझे आग तोह तेरे पास भी नहीं होता तोह आज यह नौबत ना आती »

बाबा की अलमारी

बाबा की आलमारी लगती थी मुझको पयारी आचारों और चॉकलेट की फुलकारी अनसोचे ख्वाबो का पिटारा कलम किसमिस खिलौनो का पिटारा बचपन के उन ख्वाबो का ही तोह है सहारा आज ना बाबा रहे ना उनकी अलमारी घोसला छोड़ कब के उड़ गए है सब अदाकारी घर तोह कब के बदल गए पड़ याद उन्ही के रह गए »

ज़िन्दगी

पहली बार जब रोया तोह भूख और प्यास थी दूसरी बार जब रोया स्कूल का पहला दिन था तिसरी बार जब रोया तब स्कूल का आखरी दिन था कॉलेज के दिन तोह रुलाने के थे दुसरो को छोड़ो ना उस बात को और मुझको लगता था सबसे ज्यादा गम तेरे छोड़ने का था पढ़ जब सोचने और लिखने बैठा तोह देखा यह एक मामूली घटना हैं जो तकरिबन सबके साथ हुआ हैं हम ज़िन्दगी में भूल जाते हैं की तवज्जो किस बात को देना है दोस्तों यह चंद लाइन बेहद निजी है पढ़... »

Looking back in times

Looking back in times, When you and me were lonely in the moonlight, Time has passed by, I wait for those times tonight Looking back in times When I was driving you town You flipped your hair and looked down I was just spellbound oh baby missing u tonight. Looking back in times, there were so many memories deep down my heart, Ohh baby missing u tonight. »

आंखे नम है

आज फिर तेरी आँखे नम है पता नहीं किस बात का तुझे गम हैं ज़िन्दगी के पल कुछ कम हैं नहीं तोह हाल ऐ दिल पगली हम भी पूछते ज्यादा ना सही थोड़ा ख्याल हम भी रखते »

ऐ खुदा

ऐ खुदा बोल तेरी रजा क्या हैं मेरे नादान दिल की सजा क्या है चले हैं सच की तलाश में तेरे ठोकरो का अंजाम क्या है अपना हम किसको कहे तेरे अपनो ने तोह रास्ता बदल लिया बेगाने इस दुनिया में बस तेरा ही एक सहारा है ऐ खुदा बोल तेरी रजा क्या हैं मेरे नादान दिल की सजा क्या है चले हैं सच की तलाश में तेरे ठोकरो का अंजाम क्या है »

chaley toh hum bhi the

chaley toh hum bhi the tera hath pakarkar bas zindagi ke bheed main tu agey bar gayi milna tha mujhse par tu kisi aur main bas gayi itefaqan thora dur hi tha main bulaya bhi bahut bar tera naam par waqt ke es khel main tu phasti chali gayi »

Azadi Mubarak ho

gam tere maut ka nahin par dosh tere dharm ka hain es baat ko bhulu kaise hosh mere sudh gaye toh kya par majra yeh purey hindustaan ka hain »

sawan

ab ke sawan bhege sab agan ak mera hi ghar sukha rah gaya nazar main tere sabhi aa gaye ak main hi bezud sa khada rah gaya –inspired not fully by me »

intezar

tera phone aya hi nahin mera intezar khatam hua hi nahin aj bhi jata hun jaha milna tha kabhi par mukkdar ne teri rubaru laya hi nahin »

khun ka rang

janey es desh ke mukaddar main kya hain ak taraf ekhlakh,junaid ke kabr hain dusri taraf desh ke thekedar beasabr hain khun ki aj koi kimat na rahi yeh ubalta nahin bas bahta hain ensah hi aisa jaat hain jo apney jaat ko padya nahin karta koi hindu Sikh aur koi musalma hain pata hain tum mere rang ko dundhogey khun ka rang toh bas Lal hain tumharey liye esmey gerua aur hara ke rang ka sringar hain »

khalnayak

tere jikr se aakheen nam hain meri mere hijr ki kya kahu kaisi hain ruswayi likhtey likhtey main shayar ban gaya ho saka na nayak tere pyar main khalnayak ban gaya »

yaad teri

kitabon ke panno main chipi thi teri yaad, jyada kuch nahin bas thi ek sougat, sukhe hue gulab ki pankhuri jis ki ab koi kimat nahin, ban sakti thi tere balon ka saaj achanak aye hawa ke jhokey ne uda di us yaad ko khidki se jaise yadon ka sahlab aa gaya thik thak zindagi main dard ka sahdaab aa gaya »

yaden

yeh khuli diary yeh adh jala cigarette, yeh chai ke pyaley kya kahti hain, kal ki raat tumhey need nahin ayi ya kisi ki yaad satayi hain tumko umra ke kisi modh pe tumhey pata hoga kuch log tumahare zindagi se tumhareyp dil main hi jyada mehfuz hain unki yaaden tumhey duvida main dalti hogi agar ye ya woh hota toh kya hota padh soch ke dekho yaaden Kya sirf tumahri hain ya uskey pass bhi tum kahi ... »

bandya

khud ka mukam bananey chala bandya kisi anjaan sahar main chod ke apno ko chala bandya apna jahan bananey par ghar ki woh choukhat aj bhi usey pukarey ghar main uski maa uski raah takte guzaray chod aye bandya un galion ko jaha sapon ke par nahin hotey woh gaon woh nukkar jaha sabhi apney hotey the »

rahi anjana

begani bheed main rahi anjana, dudhey hain apni manjhil sahil tak jana kho ke pana hain sab kuch, ya sab kuch kho jana, yeh satat sangram hain, akhir tak jana laksya jab hain thik to kahey ghabrana veer tu barey chal,ho ke sabal apney esth ko kiye naman veer tu barey chal,ho ke sabal »

khamosh bheed

khamosh bheed main kyun khada hain tu, begano main apna sa kyun lagey hain tu, es raat ki kyun koi subah nahin, gam hain ki khatam honey ka naam nahin apney ap se yeh kaisi kashmakash hain jeet ta koi nahin har haal main harta vartaman hain. khamosh bheed main kyun khada hain tu, begano main apna sa kyun lagey hain tu »

tuh

main rahunga teri yaad bankey , chota hi sahi bas ek fariyad bankey , tere juban ki baat bankey kabhi yaad meri ayegi, tere cherey ki muskaan bankey kabhi noor us khuda ka tujh main chayegi ho na saka yeh falsafa lambey dino ki, par mere har sapney main tu aj bhi abad hain, mere nabz aur jazbaton main aj bhi tere naam ki yalgar hain »

father

with every step i take u held me back I blamed you but that stopped me from failure with every words I said against u u remained silent with every step I take when I was young u hold me tight that stopped me from falling down all your gestures were for my well being u r the only one except god and mom I doubted i misbehaved but please never leave me. may god bless you with all the kindnes make you... »

mukhotta

es kaach ke ashiyane main dar pathar ka nahin pratibimb ka hain mukhotte ki aar main chipa chehra mera hain ya kisi aur ka hain zindagi ki hodh main pagla chala kis aud logon ne kaha haso toh has diye  mudhon toh mudh diye zindagi ke paristhion main mukhotte ka hi sahara hain khud ke chehre se mukhotte se hi ashiyana hain »

ajo money porey

sloth goti cholchey gari ajo thomkey daraye eye mon amari khub chena akta goli diye jekhaney hetey chilam bhalobashar sopno niye abujh se mon ajo korey smirti charon soney na kono baron moner ki esechey shrabon keno ajo bhijey jaye eye nayon »

yaad

lab dhumil ho gaye gam rageen ho gaye jab kitab main rakhey phool ne uski yaad dila di tasveer na thi uski meri tabeer ban gayi ankhon ke anshu main meri rubayi ban gayi »

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